यूपी में घरेलू बिजली की दरें (2026-27)
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने 2 जुलाई 2026 के आदेश में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए घरेलू दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की। ये दरें पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल और केस्को, पाँचों बिजली कंपनियों में एक जैसी हैं।
| महीने की यूनिट | दर (₹ प्रति यूनिट) |
|---|---|
| 1 से 150 | 5.50 |
| 151 से 300 | 6.00 |
| 300 से ऊपर | 6.50 |
| महीने की यूनिट | दर (₹ प्रति यूनिट) |
|---|---|
| 1 से 100 | 3.35 |
| 101 से 150 | 3.85 |
| 151 से 300 | 5.00 |
| 300 से ऊपर | 5.50 |
| शर्त | दर |
|---|---|
| 1 kW लोड, 100 यूनिट प्रति माह तक | ₹3.00 प्रति यूनिट, फ़िक्स्ड ₹50 प्रति kW |
अगर लाइफ़लाइन उपभोक्ता की साल भर की खपत 1,200 यूनिट से ज़्यादा हो जाए, तो अगले वित्त वर्ष से उसे सामान्य घरेलू श्रेणी में डाल दिया जाता है।
स्रोत: UPERC टैरिफ़ आदेश दिनांक 02.07.2026, रेट शेड्यूल LMV-1 (अनुलग्नक-I, पृष्ठ 418–422)। सभी दरें उपभोक्ता द्वारा देय दरें हैं।
दुकान / व्यावसायिक कनेक्शन (LMV-2)
| स्वीकृत लोड | फ़िक्स्ड चार्ज | उर्जा शुल्क |
|---|---|---|
| 4 kW तक | ₹330 प्रति kW | 300 यूनिट तक ₹7.50, उसके ऊपर ₹8.40 |
| 4 kW से ज़्यादा | ₹450 प्रति kW | 1,000 यूनिट तक ₹7.50, उसके ऊपर ₹8.75 |
ग्रामीण दुकानों पर फ़िक्स्ड चार्ज ₹110 प्रति kW और सभी यूनिट पर ₹5.50 है। शहरी दुकानों पर हर महीने कम से कम न्यूनतम प्रभार देना होता है: अप्रैल से सितंबर ₹600 और अक्टूबर से मार्च ₹475 प्रति kW। व्यावसायिक कनेक्शन के लिए कैलकुलेटर में बिजली कर 7.5% अनुमान के तौर पर भरा है; अपने बिल में लिखी दर से बदल लें। स्रोत: रेट शेड्यूल LMV-2, पृष्ठ 423–424।
बिल कैसे बनता है
बिल के चार मुख्य हिस्से होते हैं: ऊर्जा शुल्क (यूनिट के हिसाब से, हर स्लैब की अपनी दर), फ़िक्स्ड चार्ज (स्वीकृत लोड के हिसाब से, बिजली चले या न चले), FPPA यानी ईंधन व बिजली ख़रीद समायोजन शुल्क, और बिजली कर। FPPA की दर UPPCL हर महीने तय करता है और यह प्रतिशत में घट-बढ़ सकती है, इसलिए अपने बिल में लिखी दर कैलकुलेटर में डालें। बिजली कर (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) राज्य सरकार तय करती है और यह UPERC के टैरिफ़ आदेश का हिस्सा नहीं है। कैलकुलेटर में घरेलू के लिए 5% अनुमान के तौर पर भरा है और यह ऊर्जा शुल्क, फ़िक्स्ड चार्ज और FPPA के जोड़ पर जोड़ता है; सही दर और आधार के लिए अपना बिल देखें। जिन कनेक्शनों में अधिकतम मांग दर्ज करने वाला (TOD/डिमांड) मीटर लगा है, उनमें फ़िक्स्ड चार्ज बिल्ड डिमांड पर लगता है: मीटर में दर्ज अधिकतम मांग या स्वीकृत भार का 75%, जो भी ज़्यादा हो। स्लैब का मतलब है कि पहली 150 यूनिट पर कम दर लगती है और उसके बाद की यूनिट पर अगली दर, पूरी खपत पर ऊँची दर नहीं। बिल 30 दिन से कम या ज़्यादा का हो, तो कैलकुलेटर स्लैब की सीमा उसी अनुपात में घटा-बढ़ा देता है; यह अंदाज़े के लिए है, असली बिल में तरीका अलग हो सकता है। नियत तारीख़ तक भुगतान करने पर ऊर्जा शुल्क और फ़िक्स्ड चार्ज पर 1% की छूट मिलती है, बशर्ते बिल में पुराना बकाया न हो। प्रीपेड मीटर पर 2% की छूट मिलती है। देर से भुगतान पर पहले तीन महीने 1.25% प्रति माह और उसके बाद 2% प्रति माह विलंब शुल्क लगता है, जो देरी के दिनों के हिसाब से जुड़ता है। स्वीकृत लोड अगर दशमलव में हो (जैसे 1.5 kW), तो उसे अगला पूरा kW माना जाता है, और बिल पूरे रुपये में राउंड होता है। स्रोत: UPERC टैरिफ़ आदेश दिनांक 02.07.2026, रेट शेड्यूल (अनुलग्नक-I)।
उदाहरण: शहर में 250 यूनिट, स्वीकृत लोड 2 kW
पहली 150 यूनिट × ₹5.50 = ₹825
अगली 100 यूनिट × ₹6.00 = ₹600
फ़िक्स्ड चार्ज 2 kW × ₹110 = ₹220
बिजली कर 5% अनुमानित (₹1,645 पर) = ₹82.25
कुल अनुमानित बिल = ₹1,727.25
बिल कम करने के आसान तरीके
अगर आपका स्वीकृत लोड ज़रूरत से ज़्यादा है, तो हर महीने बिना वजह फ़िक्स्ड चार्ज ज़्यादा भरते हैं। अपनी असली ज़रूरत देखकर लोड घटवाने का आवेदन किया जा सकता है। 300 यूनिट के आसपास खपत हो तो थोड़ी बचत भी आपको सस्ते स्लैब में रख सकती है। AC को 24 से 26 डिग्री पर चलाना, पुराने बल्ब की जगह LED और स्टार रेटिंग वाले उपकरण, ये छोटे बदलाव महीने की कई यूनिट बचाते हैं।
यह कैलकुलेटर केवल अंदाज़े के लिए है और UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। असली बिल में FPPAS, छूट, बकाया या अन्य समायोजन हो सकते हैं। सही राशि के लिए अपना बिजली बिल देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यूपी में 1 यूनिट बिजली कितने की है?
शहरी घरेलू कनेक्शन पर पहली 150 यूनिट ₹5.50 प्रति यूनिट और ग्रामीण मीटर वाले कनेक्शन पर पहली 100 यूनिट ₹3.35 प्रति यूनिट। इसके ऊपर स्लैब के हिसाब से दर बढ़ती है।
200 यूनिट का बिल कितना आएगा?
शहर में 2 kW लोड, शून्य FPPA और 5% अनुमानित बिजली कर पर लगभग ₹1,412 (150 × 5.50 + 50 × 6.00 = ₹1,125, फ़िक्स्ड ₹220)। ऊपर कैलकुलेटर में अपनी यूनिट और लोड डालकर सटीक अंदाज़ा देखें।
फ़िक्स्ड चार्ज क्यों लगता है?
फ़िक्स्ड चार्ज आपके स्वीकृत लोड के लिए हर महीने लगता है, चाहे बिजली का इस्तेमाल हो या न हो। शहरी कनेक्शन पर ₹110 और ग्रामीण पर ₹90 प्रति kW प्रति माह।
क्या सभी बिजली कंपनियों की दरें एक जैसी हैं?
हाँ, UPERC के आदेश के अनुसार पाँचों सरकारी बिजली कंपनियों में घरेलू दरें एक जैसी हैं।